महराजगंज,रायबरेली।। विकास खंड क्षेत्र के सुखालिया मजरे पुरासी गांव पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश में टापू बनकर रह गया है। नैय्या के किनारे बसे इस गांव के चारों ओर कमर से ऊपर तक पानी आ जाने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं तो वहीं बारिश में नैय्या के उफान के चलते गांव में एकत्र हुए पानी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त के साथ साथ ग्रामीणों का निकास भी पूरी तरह बाधित हो गया है जिस कारण लोगों का रोजमर्रा के सामान तथा इलाज के लिए बाजार और अस्पताल तक पहुंच पाना संभव नहीं है। आपको बता दें कि, सुखलिया गांव के रहने वाले राकेश, अमरपाल, राममिलन, रामबरन यादव, अमरपाल सिंह सहित दर्जनों लोगों की गुहार पर प्रशासन ने सोमवार को नाव उपलब्ध करा दी थी। विदित हो कि, सुखलिया गांव पिछले वर्ष भी इसी समस्या से ग्रसित था। ग्रामवासी कई वर्षों से बाढ़ की समस्या झेलते आ रहे हैं। इस साल भी सुखलिया गांव पिछले 4 दिनों से हो रही लगातार बारिश से एक बार फिर पानी से गिर गया है। जिसमें गांव के लगभग 40 परिवारों की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है यही नहीं गांव में पानी घरों के अंदर घुस जाने से उठना बैठना तथा सोना मुहाल हो गया है यहां तक कि, किसानों की फसलें भी पूरी तरह से जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी है। सुखलिया गांव के लोगों की स्थित जानने पहुंचे तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने मौका मुआयना कर ग्रामीणों को गांव से आने जाने हेतु नाव उपलब्ध कराई है। वहीं मामले में उप जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह ने कहा है कि, स्थिति की समीक्षा जारी है ग्रामीणों को नाव उपलब्ध करा दी गई है। खाद्य रसद एवं राजस्व विभाग को ग्रामीणों की मदद के लिए लगाया गया है। सुखलिया गांव निवासी अशोक कुमार के मुताबिक उसकी पत्नी के पेट में बच्चा होने के कारण प्रसव पीड़ा तेज हुई यदि प्रशासन समय से नाव उपलब्ध करा देता तो शायद उसका बच्चा बच सकता था, पर गांव से इलाज करवाने के लिए कोई रास्ता न होने के कारण सही समय पर इलाज के लिए वह नहीं पहुंच सका। इसलिए उसके बच्चे की मौत हो गई। इस समय सुखलिया गांव का आलम यह है कि, चारों तरफ पानी भरा हुआ है। पूरा गांव टापू में तब्दील हो चुका है। लोगों के बाहर आवागमन का रास्ता मात्र नाव है।
जावेद आरिफ ब्यूरो चीफ रायबरेली
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

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