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Monday, October 30, 2017

अहम् का त्याग मानव के लिए कल्याण का मार्ग

बिठूर से मधुकर राव मोघ की रिपोर्ट
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र               

बिठूर । अभिमान मानव को सत्य की राह से भटकता देता है । वहीं अहंकार उसे पतित बना देता है।यह अमृत वचन कथावाचन श्यामभूषण महाराज ने भगवत धाम आश्रमों में 108 संकल्पित कथावाचन क्रम में पचीसवी कथावाचन मे बोल रहे थे।
उन्होंने श्रष्टी की रचना से लेकर नम्रता की कथा के साथ चारो  युगो  उनकी उत्पत्ती के विषय मे कथा को विस्तार दिया।उन्होंने कहा जो भगवान की शरण में शरणागत हो जाता है ईश्वर उस भग्त के सभी कष्ट स्वयं हरण कलेवर है।कथा में संगीत का पैड पर अनूप वर्मा ,आँगन पर कन्हैया,जी का पर रामबाबू,ब्रजनाथ ने ढोलक पर साथ दिया प्रिया,वंशी,माया,चन्दन,सुनील आदि मौजूद थे।

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