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Wednesday, February 14, 2018

देश की एकता व अखंडता का प्रतीक है राष्ट्र रक्षा महायज्ञ- राजनाथ सिंह

जल मिट्टी रथ यात्रा के माध्यम द्वारा देश कल्याणए सुरक्षाए अध्यात्म से जुड़ने के लिए सर्वजन को प्रेरित करना है.राजनाथ सिंह


ब्यूरो समाचार
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र
नई दिल्ली। राष्ट्र रक्षा महायज्ञ देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लिये एक अनूठा प्रयास हैए यह महायज्ञ राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है। यह उदगार माननीय केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने जल व मिट्टी लाने के लिये इंडिया गेट से रथ यात्रा को रवाना करते हुये व्यक्त किये। गृहमंत्री श्री सिंह ने महायज्ञ के आयोजक और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री व पूर्वी दिल्ली सांसद महेश गिरी इस अनूठे प्रयास की प्रशंसा की। उन्होने कहा कि सांसद श्री गिरी ने देश की रक्षा के प्रति इतना बड़ा बीड़ा उठाया वो अविस्मरणीय होगा। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे पहले भी कई राजनैतिक पार्टीयों ने भी कई रथ यात्राओं का आयोजन राजनैतिक सफलता व कई निजी उदेश्य सिद्ध करने के लिए किया है। किन्तु इस महायज्ञ का एक मात्र लक्ष्य राष्ट्र कल्याण व देश में एक सकरात्मक उर्जा का संचार करना है। श्री राजनाथ जी ने इस रथ यात्रा के उदेश्य का विस्तार में विवरण देते हुए कहा कि यह यात्रा कोई सामन्य रथ यात्रा नहीं है। इस जल मिट्टी रथ यात्रा का उद्देश्य देश कल्याणए सुरक्षाए अध्यात्म से जुड़ने के लिए सर्वजन को प्रेरित करना है। उन्होने कहा कि यह यज्ञ केवल भारतीय अखण्डता व सुरक्षा के लिए ही नहीं बल्कि यह सम्पूर्ण विश्व की मंगलकामना के लिए है। गृहमंत्री श्री सिंह ने प्रचीन भारतीय संस्कृति की व्याख्या की जिसमे उन्होने बतया कि प्रचानी काल में कैसे ऋषि मुनी लोक कल्याण व शुभेच्छा के लिए यज्ञ का आयोजन किया करते थे व इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे भारतीय संस्कृति की प्रशंसा केवल भारतीय विद्वानो ने ही नही बल्कि कई विदेशी विद्वावानों ने भी सदैव की है। उन्होंने इसको व्याख्यित करने के लिए उदाहरणार्थ कहा कि फ्रांस की क्रांति के दौरन मि0 वोल्डियर ने भी भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की थी। हमें गर्व है कि हम इस संस्कृति वाले देश से है।श्री राजनाथ सिंह जी ने कहा कि भारत को समृद्ध व बलवान बनाने के उद्देश्य किसी अन्य देश को क्षति पहुँचाना नही है कि बल्कि हम समृद्ध होकर विश्व कल्याण में अपना हर सम्भव सहयोग प्रदान करना चाहते हैं। ताकि भारत एक विश्व गुरू के रूप में उभर सके। साथ ही उन्होने राष्ट्र के प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र रक्षा महायज्ञ में सहयोग करने की अपील की। यह रथ देश की सीमाओं के साथ.साथ पावन स्थल चारों धाम से जल व मिट्टी को आस्था पूर्वक ले कर आएंगे तथा 18 से 25 मार्च तक आयोजित होने वाले आठ दिवसीय महायज्ञ में बनने वाली यज्ञशाला में इस जल मिट्टी का उपयोग किया जाएगा।सांसद श्री महेश गिरी ने जल मिट्टी रथ यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि जिन सीमाओ की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक सबकुछ दांव पर लगाते हैए जिन सीमाओ के कण कण हमे उनकी शौर्य गाथा सुनते है। जिन पावन धामो के आगे सबके सर नतमस्तक हो जाते है। ये रथ उन्ही दिशाओ ओर स्थानों पर जा कर जल व मिट्टी को ले कर आएंगे। देश के रक्षक वीर सैनिकों के बलिदानों और संघर्षों की वजह से हम सभी सुरक्षित हैं। इस रथ यात्रा के दौरान पूरे देश मे राष्ट्रभक्ति ओर अध्यात्म के विचारों का संचार होगा।सांसद श्री गिरी ने आमजन से भी आग्रह किया कि स्वेच्छानुसार यज्ञ में सहयोग करके सहभागी बने। 108 कुण्डीय राष्ट्र रक्षा महायज्ञ में देश भर के आध्यात्मिक गुरू हिस्सा लेंगे और सवा दो करोड़ मंत्रों का मंत्रोच्चारण करेंगे।

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