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Tuesday, February 20, 2024

प्रधान व ग्राम सचिव भी गौशालयों पर ध्यान देना अपना दायित्व नहीं समझते है। सरकार के निर्देशों का पालन कितना किया जा रहा

मोहम्मदी खीरी। एक तरफ योगी सरकार गोवंशों को लेकर जागरूकता दिखा रही है तथा गौशालाओं का निर्माण से लेकर रहने तक की उचित व्यवस्था कराई जा रही है नेताओं द्वारा गौशालाओं के उद्घाटन की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर काफी चलती हैं परंतु उसके बाद की स्थिति क्या रहती है यह किसी को नहीं पता अभी कुछ ही दिन पहले उप जिलाधिकारी द्वारा गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया गया तथा गौशाला संरक्षक को सख्त निर्देश भी  दिए गए। परंतु स्थिति अभी भी वही बनी हुई है जब कोई अधिकारी गौशालाओं का निरीक्षण करने जाता है तो  गौशाला संरक्षक तत्काल व्यवस्था कर सब कुछ व्यवस्थित कर देते हैं सिर्फ अधिकारी को सब कुछ सामान्य है यह दिखाने के लिए परंतु देखा जाए तो स्थिति अभी भी वही है जगह-जगह रोड पर गली में खेतों में गोवंश सर्दी से एक्सीडेंट से तमाम कई कारणों की वजह से मर रहे । जबकि हर गौशाला को ₹50 प्रति गोवंश के आहार के लिए मिलता है तथा हर गौशाला में लगभग 90 से 95 गाय रखने की  व्यवस्था रहती है परंतु आए दिन फिर भी स्थिति वही बनी हुई है। अस्थाई  कई गोवंश आश्रय स्थल है जहां पर गोवंश के लिए कोई व्यवस्था नाम की चीज  नहीं, जाने पर भी गोवंश के लिए चारा पानी की कोई व्यवस्था नहीं की जाती है और ना ही कोई भी यहां पर मौजूद मिलता है इस खराब मौसम व बारिश में खुले में घूम रहे गोवंश घूमते रहते है  प्रधान व ग्राम सचिव भी गौशालयों पर ध्यान देना अपना दायित्व नहीं समझते है। सरकार के निर्देशों का पालन कितना किया जा रहा है ? यह सवाल आम जनता में चर्चा का विषय बना हुआ है।

रिपोर्ट : दिनेश सिंह सोमवंशी
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

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