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Friday, June 16, 2017

विकास कार्य नहीं ऊपर से दबंगई इतनी कि कवरेज करने गए पत्रकार पर जानलेवा हमला

विकास कार्य नहीं ऊपर से दबंगई इतनी कि कवरेज करने गए पत्रकार पर जानलेवा हमला
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

एक तो विकास कार्य नहीं ऊपर से दबंगई इतनी कि कवरेज करने गए पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया । यह कहानी किसी गुंडा मवाली की  नहीं बल्कि जनता द्वारा चुने गए गांव के प्रधान की है जो चुनाव जीतने के बाद अपने भाई से ही कोटा चलवा  रहा था जब इसकी शिकायत के बाद पत्रकार ने इसका समाचार अखबार में प्रकाशित किया तो कोटा निरस्त हो गया इस से बौखलाए प्रधान पति और उसके परिवार वालों ने 9 मई को गांव में कवरेज करने गए कैनविज टाइम्स के पत्रकार उदित शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया उनका कैमरा छीन लिया और मोबाइल छीनकर तोड़ डाला।
शाहजहांपुर की पुबाया तहसील के नवलपुर कोट गांव के प्रधान दीपिका के पति विनोद और उनके भाई सुरेश ने भतीजे के साथ मिलकर पत्रकार के साथ जमकर मारपीट की  है और उसका मोवाइल तोड़कर कैमरा छीन लिया ।  पत्रकार ने इसकी शिकायत कोतवाली में की तो प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया लेकिन इसके बाद प्रधान ने पिछली रात रात एक फर्जी मुकदमा पत्रकार उदित शर्मा के खिलाफ  कोतवाली में दर्ज करा दिया।  पहले से ही भ्रष्टाचार के कई मामलों में घिरे हुए कोतवाल अशोक पाल के खिलाफ जनपद भर के पत्रकार एकत्र हो गए और लामबंद होकर पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी में अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की।  आक्रोशित पत्रकारों ने पत्रकार के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे को तत्काल स्पंज करने की मांग की जिस पर अपर पुलिस अधीक्षक ने 24 घंटे की मोहलत मांगी है और आश्वासन दिया है कि जांच के बाद मुकदमे को समाप्त करा दिया जायेगा
कुछ भी कहें लेकिन पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार  का गठजोड़ जब गांव में चल रहे भ्रष्टाचार के खेल से हो जाता है तब फिर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा ही।  ऐसे में पत्रकार कवरेज करने कैसे जाएं और समाचार को प्रकाशित करने के बाद उनकी सुरक्षा की पुलिस क्या गारंटी ले यह प्रश्न विचारणीय है । अब देखना यह है इस दबंग प्रधान के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और हमलावरों की गिरफ़्तारी कब तक होती है

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