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Friday, May 14, 2021

योगी सरकार में सुरक्षित नहीं महिलाएं दहेज की बलि चढ़ी आज फिर बेटी

सीतापुर। जनपद के लहरपुर थाना क्षेत्र के टांडा खुर्द निवासी जय नारायण अवस्थी पेशे से किसान हैं की बेटी प्रिया की शादी लखनऊ के चौक क्षेत्र के चौपटिया निवासी ऋषभ तिवारी के संग हुई थी। गुरुवार सुबह ३० वर्षीय प्रिया अवस्थी का शव घर के अन्दर फंदे पर लटका मिला। बीते दिसंबर में प्रिया का विवाह हुआ था । सीतापुर निवासी प्रिया के परिवारीजनों ने पति समेत अन्य ससुरालीजनों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या कर शव फंदे पर लटकाए जाने का आरोप लगाया है । पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की बात कही है। सीतापुर जनपद के लहरपुर टांडा खुर्द निवासी जय नारायण अवस्थी ने बताया कि बेटी प्रिया अवस्थी का विवाह बीते एक दिसम्बर को चौपटिया चौराहे के पास रहने वाले ऋषभ तिवारी के साथ हुआ था। जय नारायण ने बताया कि गुरुवार सुबह प्रिया के ससुर मुरालीलाल तिवारी ने फोन कर बताया कि बेटी ने फांसी लगा ली है । इस सूचना पर पहुंचे तो शव घर पर था । बेटी के गले में कसाव के निशान थे । इसके अलावा शरीर पर भी चोटें थीं। प्रिया के पति ऋषभ और ससुरालीजनों ने मिलकर उसे पीटा और फिर आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया। इंस्पेक्टर चौक विश्वजीत सिंह ने बताया कि सुबह प्रिया के ससुरालीजनों की सूचना पर पुलिस पहुंची तो कमरे में फंदे पर शव लटक रहा था । शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है । पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी। प्रिया के पिता जय नारायण अवस्थी का आरोप है कि शादी के बाद से प्रिया के पति और ससुराली जन कार की मांग कर रहे थे आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनकी यह मांग पूरी करने में असमर्थ रहा इसके पहले-पहले उन्होंने कई बार रुपयों की मांग की तो बेटी की खुशी के लिए वह भी पूरी की। प्रिया के ससुर सेवानिवृत्त शिक्षक हैं । अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर शादी के बाद से ससुराली जनों ने बेटी को मायके नहीं भेजा था । उसे फोन पर भी बात नहीं करने देते थे । बेटी अकेले कभी बात नहीं कर पाती थी । वह जब फोन पर भी घर वालों से बात करती तो ससुराली जन आस पास ही बैठे रहते थे । जय नारायण अवस्थी ने बताया कि वह बीते जनवरी माह में बेटी के घर गये थे। तब प्रिया रो रही थी । उससे पूछने की कोशिश की तो कुछ बताया नहीं क्योंकि ससुराली जन सब आस पास ही थे । बेटी बहुत परेशान थी । अब देखना ये होगा की अपराधियों पर कोई कार्यवाही होती है या नहीं क्योंकि ससुराल पक्ष के लोग जंडेल किस्म के थे साथ ही पिता का कहना है की गुरुवार सुबह ही शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया था लेकिन पुलिस प्रशासन का ढीले पन की वजह से शुक्रवार दोपहर एक बजे तक भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया इसी के चलते मौके पक्ष के लोगों का आरोप है की कही इसमें प्रशासन की मिली भगत तो नहीं है।अब देखना यह होगा कि गरीब पिता को अपनी इकलौती बेटी की मौत का प्रशासन सही तरीके से केस की देख रेख करता है या नहीं फिलहाल समाचार लिखने तक शव पोस्टमार्टम हाउस में ही मौजूद था।

रिपोर्ट : अजय सिंह 
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

मुख्यमंत्री के आदेशों व लाँक डाउन का उल्लघंन कर हरगांव के कालाबाजारी अपनी तिजोरियां को भरने में लगे


सीतापुर। आदर्श नगर पंचायत हरगाँव में कालाबाजारी अपनी चरम सीमा पर चल रही है यहां के कालाबाजारी आपदा में अवसर ढूंढ कर पूरी तरह से अपनी तिजोरियों को भरने में लगे हैं। जब कि पूरा विश्व कोविड-19 की महामारी से जूझ रहा है तब यहां के व्यापारी लॉकडाउन व कोविड-19 के प्रोटोकाल को ताक पर रखकर अपने व्यवसाय को चमकाने में मस्त हैं। बार बार समाचारों के प्रकाशन के बाद भी जिम्मेदारों के द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से स्पष्ट हो रहा है कि उच्च स्तरीय संरक्षण में लाँक डाउन का फायदा उठा कर यहां के कालाबाजारी आपदा में नगर के अवसर तलाशने में जुटे हुए हैं। ऐसे कालाबाजारी शटर के नीचे से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।आदर्श नगर पंचायत हरगांव जिला मुख्यालय से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है आदर्श नगर पंचायत हरगांव जो कि पड़ोसी जिला लखीमपुर खीरी को भी जोड़ता है। आदर्श नगर पंचायत मेन हाईवे पर स्थित है जिस कारण कई बड़े आला अधिकारीयों का आना जाना लगा रहता है। उसके बावजूद भी प्रशासन की नजर इन काला बाजारी करने वालों पर न पड़ना संदेह के घेरे में है। हरगाँव के दुकानदार आधा शटर खोल कर बेझिझक निरंतर काला बाजारी कर गरीब जनता को लूटने का कार्य कर रहे हैं और अपनी तिजोरिया पैसों से भर रहे हैं ऐसी आपदा के समय में जब छोटे से छोटा व्यक्ति भी किसी ना किसी रूप में किसी ना किसी की मदद के लिए हर समय तैयार रहता है ऐसे में यह व्यापारी लोग कोविड-19 के प्रोटोकॉल को ताक पर रखकर किसी की मदद करना तो दूर खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर स्टाक की हुई वस्तुओं को बेचकर इस करोना कॉल को अपना आमदनी का जरिया बना बैठे हैं । कैमरे में कैद तस्वीरें जिम्मेदारों के मुंह पर तमाचा की तरह है ऐसी आपदा के समय में भी यह लोग सरकार की गाइड लाइन न मानकर लॉक डाउन का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। थाना हरगांव के प्रभारी निरीक्षक की नजर कालाबाजारी करने वाले कालाबाजारियों पर क्यों नहीं पड़ रही है क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है।नगर पंचायत के आस पड़ोस में सैकड़ों ग्राम सभाएं हैं जहां से मजदूर दिन भर मजदूरी करके 100 ₹200 कमा कर इन खाने की वस्तु लेने के बाद यदि गुटखा की आवश्यकता महसूस होती है तो उसको खुदरा मूल्य से कई गुना अधिक मूल्य पर खरीदना उसकी मजबूरी बन जाती है । यह व्यवसायी कोविड-19 की गाइड लाइन का भी पालन नहीं करते।इन व्यापारियों पर जिम्मेदारों के द्वारा कोविड-19 के तहत कार्रवाई क्यों नहीं नहीं की जाती है। इनकी लापरवाही एक न एक दिन सैकड़ों ग्राम सभाओं में करोना अपना बम फोड़ेगा।सूत्रों की मानें तो कमला पसंद की एजेंसी होल्डर कमाल अहमद के द्वारा 17400/- रू० का बोरा बड़ी शान से 22000/- रू० में बेचा जा रहा है इनके आगे बहार गुटखा भी डेढ़ से दो गुने दाम पर बेचा जा रहा है।अब देखना यह है कि लगातार कालाबाजारी के खिलाफ समाचार प्रकाशन के बाद क्या जिम्मेदार प्रशासन इनके विरुद्ध कार्यवाही करके गरीब जनता को राहत दिलाने का कार्य करेगा या यूं ही गरीब जनता इसी तरह लूटती रहेगी।

रिपोर्ट : अजय सिंह
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

किसान भाई मागवली की खेती कर मुनाफा कमा सकते है : अशोक कूमार

कानपुर। ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती मूंगफली खरीफ और जायद दोनों मौसम की फसल है।ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती मूंगफली खरीफ और जायद दोनों मौसम की फसल है। मूंगफली की खेती करने से भूमि की उर्वरता बढ़ती है। यदि किसान भाई मूंगफली की खेती करता है तो उससे भूमि सुधार के साथ-साथ किसान की आर्थिक स्थिति भी सुधर जाती है. इसका प्रयोग तेल के रूप मे, कपड़ा उद्योग मे तथा बटर बनाने मे किया जाता है..। निराई -गुड़ाई : बुवाई के 20 दिन बाद पहली निराई गुड़ाई एवं दूसरीनिराई -गुड़ाई 40 से 50 दिन में करनी चाहिए तथा दूसरी निराई के समय जिप्सम की 150 किलोग्राम मात्रा का बुरकाव कर मिट्टी में मिला देना चाहिए। खूंटिआ बनते समय निराई गुड़ाई कदापि. नहीं करनी चाहिए। खरपतवार नियंत्रण हेतु हेतु पेंडीमेथलीन 30% की3.3लीटर मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 800 से 1000 लीटर पानी में घोलकर बुवाई के दूसरे या तीसरे दिन जमाव से पहले छिड़काव करना चाहिए। सिचाई : मूंगफली की अच्छी पैदावार के लिए फसल की बुवाई पलेवा करने के बाद करनी चाहिए। ग्रीष्मकालीन मूंगफली में 4:00 से 5:00सिंचाई करनी चाहिए.। पहली सिंचाई जमाव पूर्ण होने के पश्चात बुवाई के 20 से 22 दिन बाद दूसरी सिंचाई 35 दिन की फसल होने पर तथा तीसरी सिंचाई 50 से 55 दिन बाद अवश्य करनी चाहिए। चौथी सिंचाई फली बनते समय बुवाई के 65 से 70 दिन बाद तथा पांचवी सिंचाई बुवाई के 80 से 85दिन बाद फलिओ में दाना भरते समय करनी चाहिए। खुदाई एवं भण्डारण : सामान्य तौर पर जब पत्तियों का रंग पीला करने लगे या पत्तिआ झरने लगे तो समझ लेना चाहिए कि मूंगफली पूरी तरह पक गई है। पकी मूंगफली में छिलके पर नशे उभर आती है एवं भीतरी भाग कत्थई रंग का तथा दाने गुलाबी रंग के हो जाते हैं। तुड़ाई के बाद फलियों को अच्छी तरह तब तक सुखाएं जब तक इस में पानी की मात्रा 10% ना रह जाए तत्पश्चात भंडारण करना चाहिए.। मूंगफली की खेती करने से भूमि की उर्वरता बढ़ती है। यदि किसान भाई मूंगफली की खेती करता है तो उससे भूमि सुधार के साथ-साथ किसान की आर्थिक स्थिति भी सुधर जाती है. इसका प्रयोग तेल के रूप मे, कपड़ा उद्योग मे तथा बटर बनाने मे किया जाता है..। निराई -गुड़ाई : बुवाई के 20 दिन बाद पहली निराई गुड़ाई एवं दूसरीनिराई -गुड़ाई 40 से 50 दिन में करनी चाहिए तथा दूसरी निराई के समय जिप्सम की 150 किलोग्राम मात्रा का बुरकाव कर मिट्टी में मिला देना चाहिए। खूंटिआ बनते समय निराई गुड़ाई कदापि. नहीं करनी चाहिए। खरपतवार नियंत्रण हेतु हेतु पेंडीमेथलीन 30% की3.3लीटर मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 800 से 1000 लीटर पानी में घोलकर बुवाई के दूसरे या तीसरे दिन जमाव से पहले छिड़काव करना चाहिए। सिचाई : मूंगफली की अच्छी पैदावार के लिए फसल की बुवाई पलेवा करने के बाद करनी चाहिए। ग्रीष्मकालीन मूंगफली में 4:00 से 5:00सिंचाई करनी चाहिए.। पहली सिंचाई जमाव पूर्ण होने के पश्चात बुवाई के 20 से 22 दिन बाद दूसरी सिंचाई 35 दिन की फसल होने पर तथा तीसरी सिंचाई 50 से 55 दिन बाद अवश्य करनी चाहिए। चौथी सिंचाई फली बनते समय बुवाई के 65 से 70 दिन बाद तथा पांचवी सिंचाई बुवाई के 80 से 85दिन बाद फलिओ में दाना भरते समय करनी चाहिए। खुदाई एवं भण्डारण : सामान्य तौर पर जब पत्तियों का रंग पीला करने लगे या पत्तिआ झरने लगे तो समझ लेना चाहिए कि मूंगफली पूरी तरह पक गई है। पकी मूंगफली में छिलके पर नशे उभर आती है एवं भीतरी भाग कत्थई रंग का तथा दाने गुलाबी रंग के हो जाते हैं। तुड़ाई के बाद फलियों को अच्छी तरह तब तक सुखाएं जब तक इस में पानी की मात्रा 10% ना रह जाए तत्पश्चात भंडारण करना चाहिए.।    

रिपोर्ट : मधुकर राव मोघे 
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

18 मई से सफ्ताहिक बंदी कर पूर्ण रूप से बाजार खोलने की मुख्यमंत्री जी से मांग

फिरोजाबाद। व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष अंबेश शर्मा ने जिलाधिकारी फ़िरोज़ाबाद के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र भेजकर मांग की है कि आपके द्वारा उत्तर प्रदेश में कोरोना जैसी महामारी को रोकने के लिये लॉकडाउन लगाकर सम्पूर्ण बाजारों को बंद करा दिया । व्यापारियों ने आपके आदेश का स्वागत करते हुए सहर्ष स्वीकार किया आपकी मेहनत व दृण्ड संकल्प व जिला प्रशासन की मेहनत व सहयोग से कोरोना महामारी पर तेजी से रोक लगाकर ग्राफ को गिरा दिया है । एक वर्ष में दो बार कोरोना के कारण व्यापारी बाजार बंदी से आर्थिक मंदी से कराह रहा है। मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा की सप्ताह में 2 दिन बाजार बंद कर वीकली बंदी के तहत सम्पूर्ण बाजार खोलने के आदेश प्रदान करें तथा व्यापार मंडल महानगर अध्य्क्ष ने पत्र के माध्यम से ही जिलाधिकारी जी से निवेदन किया है कि फ़िरोज़ाबाद में आपकी मेहनत से कोरोना के 1000 से भी कम मरीज जनपद में है तथा प्रतिदिन कोरोना के मरीज निकल रहे है उससे दुगनी रफ्तार से ठीक हो रहे है वह अपने स्तर से भी जैसे मिठाइयों की दुकान खोलने का निर्णय लिया है उसी प्रकार से वीकली बंदी करते हुए बाजार खोलने के आदेश प्रदान करने की कृपा करें।

रिपोर्ट : सौरभ अग्रवाल
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

डिजिटलाइज का लाभ उठा आन लाईन आभूषण बेचे : पुष्पेन्द्र जायसवाल

कानपुर। अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जयसवाल ने बताया कई ज्वेलर्स भाइयों ने अपनी अक्षय तृतीया के पर्व पर डिजिटल शोरूम app और दुकान ऑनलाइन app पर अपनी दुकान का शोरूम बनाकर ज्वैलरी का डिस्टल प्रदर्शन कर ग्रह को को व्हाट्सएप के द्वारा मैसेज भेज कर अक्षय तृतीया के पर्व पर ऑर्डर बुक किए लोगों ने शगुन के हिसाब से 1 ग्राम सोने की चैन गणेश लक्ष्मी के क्वाइन चांदी के भगवान की मूर्ति पेंडल वगैरा के ऑर्डर दिए जिनको दुकानदारों ने डिलीवरी किए ।           


रिपोर्ट : मधुकर राव मोघे 
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

गंगा के इस तट पर अंत्येष्टि की परंपरा बहुत पुरानी : हृदयनारायण दीक्षित

लखनऊ। उन्नाव जिले के बक्सर में गंगा तट पर मिले शवों पर तमाम तरह की टिप्पिणयां की जा रही हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि गंगा के इस तट पर अंत्येष्टि की परंपरा बहुत पुरानी है। अंत्येष्टि के तीन तरीके अपनाएं जाते रहे हैं। ज्यादातर शवों का अग्निदाह संस्कार होता रहा है। अब भी होता है। कम उम्र के लोगों व अविवाहित कन्याओं के लिए भूमि को समर्पित करने या जल में प्रवाहित करने की भी परंपरा है। गंगा जल को निर्मल बनाने के लिए शवों के जल प्रवाह को बंद करने का संकल्प भी 5-10 साल पुराना है। श्री दीक्षित इसी क्षेत्र के सामाजिक राजनैतिक कार्यकर्ता व विधायक हैं। दीक्षित के अनुसार इस केन्द्र पर तीन जिलों से लगभग 100 कि0मी0 दूरी से अंत्येष्टि के लिए लोग आते रहे हैं। मेरा अपना गांव 65 कि0मी0 दूरी पर है। हमारे गांव के लोग भी अंत्येष्टि के लिए इसी तट पर अब भी लाए जाते हैं। इसी तरह रायबरेली व फतेहपुर जिले के लोग भी यहीं आते हैं। यहां तीन जिलों का संगम है। सामान्य दिनों में भी यहां प्रतिदिन 10-12 शवों की अंत्येष्टि होती रही है।उन्होंने बताया कि लगभग 5-6 वर्ष पहले कानपुर के बिठूर घाट के पास गंगा में कुछ शव देखे गए थे। उस दफा भी बड़ा शोर हुआ था। यह शव सामान्य स्थिति में गंगा की धारा में बहाए गए थे। तब समाजवादी पार्टी की सरकार थी। इस पर कोई प्रभाव जांच निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। उन्नाव के ताजे मामले को मुख्यमंत्री योगी जी ने स्वयं गम्भीरता से लिया है। जिला प्रशासन सक्रिय है। सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति गरीबी या अभाव के कारण शव को गंगा में प्रवाहित न करें। अंत्येष्टि का व्यय सरकार उठाएगी। दीक्षित ने अपील की है कि हम सब महामारी के इस हमले में कोरोना शिष्टाचार, मास्क और शारीरिक दूरी के अनुशासन का पालन करें। अफवाहों से सजग रहें।

रिपोर्ट : अमित सिंह
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

अक्षय तृतीया पर किया गया दान होता है अति फलदाई

बिलारी,मुरादाबाद। यूं तो हमारा देश पर्वों से परिपूर्ण है ।उन्हीं पर्व में एक पर्व है अक्षय तृतीया इसी तिथि पर महर्षि परशुराम जी का भी जन्म तथा ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण हुआ था। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है तथा किए गए दान का अक्षय फल प्राप्त होता है। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का बहुत ही महत्व है। उक्त विचार गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता आचार्य विजयपाल सिंह राघव ने अक्षय तृतीया पूजा के समय व्यक्त किए। शुक्रवार को प्रेम शांति सदन में अक्षय तृतीया पर्व पर भगवान विष्णु, मा लक्ष्मी और गणेश जी की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर उनसे प्राप्त फल के विषय में बताते हुए आचार्य विजयपाल सिंह राघव ने कहा कि अक्षय तृतीया पर शांत चित्त होकर नैवेद्य गेहूं का सत्तू, चने की दाल से विधि विधान से भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया के दिन जल से भरे घड़े, छाता ,चावल, नमक, चीनी आदि वस्तुओं का दान पुण्य कार्य माना गया है। ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर अपने अच्छे आचरण और सद्गुणों से दूसरों का आशीर्वाद लेना अक्षय रहता है। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा से इस दिन किया गया आचरण और सत्कर्म अक्षय फलदाई रहता है। इस अवसर पर आदित्य राघव कुमारी सजल राघव,रुचि राघव के साथ परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

रिपोर्ट : राघवेंद्र सक्सेना बीनू
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

बारात से वापस लौट रहे मोटरसाइकिल सवार बारातियों से ठेलिया लड़ी घायल बारातियों के साथ ग्रामीणों ने मारपीट के साथ लूटे तीन हजार

हरगांव, सीतापुर। हरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत हरगांव दतेली मार्ग पर बारात से वापस लौट रहे मोटरसाइकिल सवार बारातियों की बाइक एक अनियंत्रित ठेलिया से लड़ गयी जिससे वह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिसपर ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट करते हुए उनके पास से तीन हजार रुपये भी छीन लिये । सूचना पुलिस को दे दी गई है ।प्राप्त जानकारी के अनुसार हरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत हरगांव दतेली मार्ग पर बारात से वापस लौट रहे दो मोटरसाइकिल सवार शंकर पुत्र तुलसी राम निवासी ग्राम अल्लीपुर बंडिया थाना इमलिया सुल्तानपुर व ओमप्रकाश पुत्र मुरली निवासी दुर्गापुरवा थाना कोतवाली शहर सीतापुर शुक्रवार को लगभग 10बजे सामने सडक पर अनियंत्रित ढंग से चला रहे ठेलिया से टकरा गयी जिसके बाद ग्रामीणों ने घायलों से मारपीट करते हुए उनके पास के तीन हजार रुपये भी छीन लिये ।सूत्रों के अनुसार मामले की सूचना हरगांव पुलिस को दे दी गई है ।घायलों को सीएचसी हरगांव मे भर्ती कराया गया है ।

रिपोर्ट : अजय सिंह
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ने उठाया गरीब कन्याओं के विवाह का बीडा


हरगांव, सीतापुर। विकास खंड हरगांव के ईशमाइलपुर की ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ने गांव पचायंत की सभी गरीब कन्याओं के विवाह संपन्न कराने का बीडा उठाया है ।अनूठी पहल करते हुए अभी तक आधा दर्जन से ऊपर गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग राशि देकर वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराया है । विकास खंड हरगांव के ग्राम इस्माइलपुर के नवनिर्वाचित प्रधान अकील अंसारी ने प्रधान बनने के बाद अपने स्तर से गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग राशि देकर विवाह संपन्न कराने का बीडा उठाया है । अकील अंसारी ने अपने संसाधन से उपहार एवं प्रति लडकी दस हजार नगद प्रत्येक गरीब ब्यक्ति के घर घर जाकर उसकी लडकी की शादी में उपहार के साथ साथ दस दस हजार रूपये नकद दिया है । जिसमें राधे निवासी सदुललापुर, चिरंजीव निवासी कमरसेपुर, सुरेन्द्र निवासी मल्ला पुर, तथा रामखेलावन, हरिनाम ,सरवेश ,सोहनलाल निवासी इसमाईलपुर की पुत्रियों की शादियां प्रमुख रूप से हैं ।इस्माइलपुर के नव निर्वाचित प्रधान अकील ने बताया कि वह ग्राम पंचायत इस्माईलपुर की सभी समुदायों की पुत्रियों की शादी मे उपहार एवं दस हजार की नगद धनराशि देते रहेंगे।क्षेत्र के लोगों ने अकील के इस सराहनीय कार्य की जमकर तारीफ की है।

रिपोर्ट : अजय सिंह 
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

प्रधानमंत्री ने प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि बटन दबाकर, एक साथ किसानों के बैंक खातों में अमुक्त की

उन्नाव। आपदा की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र सिंह मोदी ने देश के किसानों को अप्रैल से जुलाई के मध्य वितरित की जाने वाली प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि बटन दबाकर, एक साथ उनके बैंक खातों में अमुक्त कर दी है। आज कुल 20,000 करोड़ से अधिक की धनराशि देश के किसानों को अमुक्त की गई है, जिसमें से प्रदेश के किसानों को 5,230 करोड़ से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई है, जो पूरे देश में वितरित धनराशि के 26 प्रतिशत से अधिक है। इस प्रकार देश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान की धनराशि सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के किसानों को प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री द्वारा 06 राज्यों के चुने गये प्रगतिशील किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर वीडियो काॅन्फ्रेन्स के माध्यम से सीधा संवाद किया गया, जिसमें  उत्तर प्रदेश राज्य से जनपद उन्नाव के विकासखंड सि0 सिरोसी के रौतापुर ग्राम के किसान अरविंद निषाद से यूपी डास्क एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित नमामि गंगे योजना के तहत जैविक खेती के बारे में जानकारी ली, जिसपर अरविंद निषाद द्वारा बताया गया कि स्नातक की पढ़ाई पूर्ण करने के उपरान्त जैविक खेती की ट्रेनिंग ली, जिसमें जीवामृत, घनजीवामृत बनाना सीखा, पिछले डेढ़ साल में अरविन्द ने जैविक विधि से खेती करके काला नमक प्रजाति का चावल, गेंहू, तिल, मंूगफली, खरबूजा, तरबूज, पपीता की फसल तैयार की तथा नमामि गंगे जैविक कृषक नाम से समूह गठित करके किसानों को जोड़ा। कृषकों द्वारा किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक, दवाइयों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है बल्कि इसकी जगह देशी गाय का गोबर, गौमूत्र, बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, आग्नेयशास्त्र बनाकर फसलों को पोषण दिया जा रहा है और कीटाणु और बीमारियों से फसल सुरक्षा भी की जा रही है। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए ढैंचा की हरी खाद और वर्मी कम्पोस्ट खाद का भी प्रयोग किया जा रहा है। कोरोना जैसी महामारी में जैविक खेती उत्पादन स्वास्थ्य के लिए बेहद लोकप्रिय और लाभप्रद है जिससे किसानों को उनकी जैविक फसल उत्पाद का 15-20 प्रतिशत अधिक मूल्य भी प्राप्त हो रहा है। मा0 प्रधानमंत्री जी ने कृषक श्री अरविंद की प्रशंसा करते हुये कहा कि इतनी पढ़ाई करने व सीमित भूमि होने के बावजूद भी आप द्वारा कृषि क्षेत्र में अपना योगदान बढ़-चढ़ कर किया जा रहा है, जो कि अत्यन्त सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव करते हुये आप अन्य किसानों को भी जैविक खेती करने हेतु प्रेरित करें।प्रधानमंत्री ने किसानों द्वारा किए जा रहे कार्यों को वर्तमान समय व परिवेश में जनमानस के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और किसानों से कहा कि कृषक उत्पादक संघ बनाकर जैविक खेती से जुड़कर खाद्यान्न फसलों का, फल एवं सब्जियों का उत्पादन कर अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।प्रधानमंत्री ने वार्ता करते हुये कहा कि सभी किसान साथियों से यह चर्चा अपने आप में एक नई उम्मीद जगाती है, नया विश्वास पैदा करती है। जैविक खेती को बढ़ावा देना ही हमारा प्रयास रहना चाहिये, इसमें किसानों की लागत भी कम होती है और किसानों को उपज की कीमत अधिक मिलती है। उन्होंने समस्त किसानों को ईद, परशुराम जयन्ती व अक्षय तृतीया की मुबारकबाद भी दी। प्रधानमंत्री से एन0आई0सी0 उन्नाव में वीडियो काॅन्फ्रेन्स कार्यक्रम के दौरान किसान श्री अरविंद निषाद, जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार, उप कृषि निदेशक डा0 नन्द किशोर सहित समस्त सम्बन्धित उपस्थित रहे।

रिपोर्ट : कुन्दन कुमार 
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र