शाहजहांपुर। मानवता और सेवा भाव का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वरिष्ठ सर्जन एवं समाजसेवी डॉ. के.पी. गुप्ता ने एक ऐसे किशोर का निःशुल्क उपचार कर उसे नया जीवन देने का कार्य किया है, जिसके पैर को गंभीर संक्रमण के कारण बचा पाना मुश्किल माना जा रहा था। लगातार उपचार और विशेष देखभाल के बाद अब किशोर अपने पैरों पर चलने लगा है। गढ़िया रंगीन निवासी 15 वर्षीय राहुल, पुत्र स्वर्गीय कुंवर पाल, लगभग तीन माह पूर्व दीवार गिरने की घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके दाएं पैर में गहरा घाव हो गया, जो समय पर समुचित उपचार न मिलने से संक्रमित हो गया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार और माता-पिता के निधन के कारण परिजन इलाज के लिए दर-दर भटक रहे थे।परिजनों के अनुसार सहायता की गुहार पर अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार ने राहुल को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने की व्यवस्था कराई थी। बाद में परिजन बच्चे को घर ले आए और बेहतर इलाज की तलाश में जुट गए। इसी दौरान मीडिया के माध्यम से राहुल की पीड़ा की जानकारी वरिष्ठ सर्जन डॉ. के.पी. गुप्ता तक पहुंची। उन्होंने बिना किसी देरी के बच्चे को अपने अर्नव सर्जिकेयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया और 23 जून से उसका निःशुल्क उपचार शुरू कर दिया। नियमित ड्रेसिंग, संक्रमण नियंत्रण और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखभाल का परिणाम यह रहा कि राहुल के पैर की स्थिति में लगातार सुधार होने लगा। डॉ. के.पी. गुप्ता ने बताया कि घाव लगभग आधा भर चुका है और संक्रमण काफी हद तक नियंत्रित हो गया है। वर्तमान में राहुल सामान्य रूप से चल-फिर रहा है। उन्होंने बताया कि उपचार पूर्ण होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर प्लास्टिक सर्जरी भी कराई जाएगी, जिससे बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो सके। राहुल के परिजनों और ग्रामीणों ने डॉ. के.पी. गुप्ता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल एक बच्चे का पैर बचाया, बल्कि उसके जीवन में नई उम्मीद भी जगाई है। वहीं डॉ. गुप्ता ने इस नेक कार्य का श्रेय पत्रकार अभिषेक चौहान को देते हुए कहा कि उनके माध्यम से ही उन्हें राहुल की स्थिति की जानकारी मिली और सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ। गरीबों के लिए आशा की किरण बने डॉ. केपी गुप्ता का यह कार्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है तथा लोग इसे मानवता और चिकित्सा सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बता रहे हैं।
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