आदित्य भारद्वाज, अक्रॉस टाइम्स
बरेली। जनपद की ग्राम पंचायत हर्रामपुर गांव में लंबे समय से बनी बिजली समस्या को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। गांव के करीब 70 से 80 महिला-पुरुष विद्युत उपकेंद्र बल्लिया पहुंच गए और प्रदर्शन करते हुए बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले में पिछले लगभग दो माह से लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इतना कम वोल्टेज मिल रहा है कि घरों में केवल मीटर की लाइट जलती है, जबकि पंखे, कूलर, फ्रिज और अन्य बिजली उपकरण चल ही नहीं पा रहे हैं। उमस भरी गर्मी में लोगों का जीवन बेहाल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या की जानकारी कई बार विभागीय अधिकारियों को दी गई, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि मोहल्ले की बिजली लाइन वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह तार ढीले और क्षतिग्रस्त होने से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है, फिर भी विभाग की ओर से लाइन बदलने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने गांव में तैनात लाइनमैन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बिजली संबंधी खराबी ठीक कराने के लिए वह लोगों से पैसे मांगता है। ग्रामीणों का दावा है कि पहले भी कई बार मोहल्ले के लोगों ने आपस में चंदा एकत्र कर उसे रुपये दिए, तब जाकर बिजली से जुड़े कार्य कराए गए। आरोप है कि इस बार लो वोल्टेज की समस्या दूर करने के नाम पर भी 7 हजार रुपये की मांग की गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने लाइनमैन को तत्काल हटाने और उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर विद्युत उपकेंद्र के जेई शैलेश सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का जल्द स्थायी समाधान कराया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण शांत होकर वापस लौट गए। उपखंड अधिकारी प्रथम कामेश कुमार ने बताया कि संबंधित मोहल्ले में पुरानी और जर्जर बिजली लाइन होने के कारण वोल्टेज की समस्या आ रही है। नई केबल डलवाने के लिए संबंधित एजेंसी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और शीघ्र ही कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाइनमैन पर लगाए गए रुपये मांगने के आरोपों की भी जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन में जाहिद अंसारी, महावीर, औरंगजेब, अबरार, इकरार, अलीजान, रेहाना परवीन, जमालुद्दीन, इस्माइल, साबिर, सोहेल, सलाम, यासीन, अशफाक, चांद बाबू, अनवार, शादाब, भूरी, नाजरा, मेहनाज, मुन्नी, कमर जहां, असगरी, रुखसाना सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे।