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Tuesday, May 19, 2026

“बच्चों की छुट्टियां, लेकिन माता-पिता व्यस्त — परिवारों के लिए छुट्टी नीति पर उठे सवाल”

कानपुर। देशभर के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। बच्चों को लगभग 30 से 40 दिनों का अवकाश मिलता है, वहीं शिक्षकों को भी निर्धारित अवकाश प्राप्त होता है। लेकिन एक बड़ा सवाल अब समाज के सामने खड़ा हो रहा है — जब बच्चों के माता-पिता, विशेषकर अन्य सरकारी और निजी विभागों के कर्मचारी, अपने काम में व्यस्त रहते हैं तो बच्चों को समय कौन देगा? समाज के कई वर्गों ने मांग उठाई है कि जिस प्रकार शिक्षा विभाग में अवकाश की व्यवस्था होती है, उसी प्रकार अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी कम से कम एक सप्ताह का पारिवारिक अवकाश दिया जाना चाहिए।
परिवारों पर बढ़ता असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की मानसिक और भावनात्मक वृद्धि के लिए माता-पिता का साथ बेहद आवश्यक है। छुट्टियों के दौरान बच्चे अपने माता-पिता के साथ समय बिताना चाहते हैं, घूमना चाहते हैं और पारिवारिक अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं। लेकिन अधिकांश कर्मचारियों को सीमित अवकाश मिलने के कारण यह संभव नहीं हो पाता।
लोगों ने रखी अपनी राय
एक अभिभावक ने कहा— “जब बच्चों की छुट्टी होती है और माता-पिता नौकरी में व्यस्त रहते हैं, तब बच्चे अकेलापन महसूस करते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अधिकार हर बच्चे को मिलना चाहिए।”
कर्मचारियों की भी मांग
कई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लगातार कार्य के दबाव से मानसिक तनाव बढ़ रहा है। यदि वर्ष में कम से कम एक सप्ताह का पारिवारिक अवकाश दिया जाए, तो कर्मचारियों की कार्यक्षमता और पारिवारिक संतुलन दोनों बेहतर होंगे।
विशेषज्ञों की राय
सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार,“परिवार के साथ बिताया गया समय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार और संस्थानों को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
मुख्य मांगें
अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी विशेष पारिवारिक अवकाश मिले
गर्मी की छुट्टियों में कम से कम 7 दिन का अवकाश निर्धारित हो
परिवार और बच्चों के साथ समय बिताने को नीति का हिस्सा बनाया जाए।
बच्चों की छुट्टियां केवल आराम का समय नहीं, बल्कि परिवार के साथ रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी होती हैं। ऐसे में समाज अब यह सवाल पूछ रहा है —
“अगर बच्चों की छुट्टी है, तो उनके माता-पिता को समय कब मिलेगा?”
में इन पॉइंट को
दर्शाते हुए पोस्टर बना दीजिए

तिलहर में ज्योति कलश रथयात्रा का भव्य स्वागत, पुष्पवर्षा के साथ 8 स्थानों पर हुआ अभिनंदन


शाहजहांपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में जनपद शाहजहांपुर की तहसील तिलहर में सोमवार को ज्योति कलश रथयात्रा के प्रथम दिवस का भव्य शुभारंभ हुआ। रथयात्रा का नगर के 8 विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच भव्य स्वागत किया गया। जिला समन्वयक सूरज वर्मा ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों को ज्योति कलश रथयात्रा का उद्देश्य और संदेश बताया। उन्होंने कहा कि यह रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जनजागरण, संस्कार निर्माण और विचार क्रांति का अभियान है। गायत्री परिवार का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है।सूरज वर्मा ने कहा कि आज समाज को केवल बाहरी विकास नहीं बल्कि आंतरिक जागृति की भी आवश्यकता है। ज्योति कलश रथयात्रा लोगों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार और आत्मचिंतन की अलख जगाने का माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने विचार क्रांति अभियान के माध्यम से एक श्रेष्ठ समाज निर्माण का सपना देखा था और यह यात्रा उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने सभी से गुरुदेव के विचारों को अपनाने और समाज में प्रेम, संस्कार तथा सद्भाव का संदेश फैलाने का आह्वान किया। इस दौरान स्कूलों में छात्रों को पूज्य गुरुदेव का सद्साहित्य, अखंड ज्योति और युग निर्माण साहित्य वितरित किया गया तथा विचार क्रांति अभियान से जुड़ने की अपील की गई। सायंकाल दुर्गा मंदिर तिलहर में भव्य दीपयज्ञ का आयोजन किया गया, जिसे जिला समन्वयक सूरज वर्मा, सीताराम और अनीता गुप्ता ने संपन्न कराया। पूरी यात्रा के दौरान तिलहर कोतवाली पुलिस का सराहनीय सहयोग रहा। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। तिलहर कोतवाली के कोतवाल प्रिंस  शर्मा ने पुलिसकर्मियों के साथ  ज्योति कलश रथयात्रा का स्वागत करते हुए आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने में सहयोग दिया। इस अवसर पर जिला समन्वयक सूरज वर्मा, अनीता गुप्ता, श्याम, सीताराम कपूर, रथ सारथी राकेश सपत्नीक, गायत्री परिवार तिलहर प्रभारी संजीव सक्सेना, रामकुमार रस्तोगी, भानुप्रताप, रामऔतार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के परिजन उपस्थित रहे।

Thursday, May 14, 2026

24 मई को गठित होगी अखिल भारत हिंदू महासभा की नई जिला कार्यकारिणी


( रोहित सक्सेना,अक्रॉस टाइम्स )

शाहजहांपुर में अखिल भारत हिंदू महासभा की नई जिला कार्यकारिणी के गठन को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष अजय सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 मई 2026 को नई जिला कार्यकारिणी का औपचारिक गठन किया जाएगा। इस अवसर पर जिलेभर से संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं हिंदू समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि संगठन हिंदुत्व की विचारधारा को मजबूत करने तथा समाजहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। नई कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी जो समाज सेवा, संगठन विस्तार और हिंदू समाज की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा रखते हों। उन्होंने कहा कि नई टीम युवाओं और अनुभवी कार्यकर्ताओं के समन्वय के साथ तैयार की जाएगी, जिससे संगठन को और अधिक मजबूती मिल सके। अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अखिल भारत हिंदू महासभा का उद्देश्य समाज में एकता, जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज की विभिन्न समस्याओं और मांगों को मजबूती के साथ उठाने के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया जा रहा है, ताकि संगठन गांव-गांव और शहर-शहर तक अपनी पहुंच मजबूत कर सके। उन्होंने जनपद के हिंदू भाई-बहनों, युवाओं, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न वर्गों के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में संगठन से जुड़ने की अपील की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि संगठन से जुड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समाजहित में कार्य करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को गति देगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं द्वारा व्यापक स्तर पर संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है। संगठन पदाधिकारियों ने लोगों से 24 मई को आयोजित कार्यक्रम में पहुंचकर नई कार्यकारिणी के गठन का साक्षी बनने और हिंदुत्व को मजबूत बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।