Translate

Sunday, June 7, 2026

पति को कार ने कुचला, तीन महीने बाद भी न्याय नहीं पत्नी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

लखीमपुर मोहम्मदी खीरी थाना क्षेत्र का मामला, केस 0154/2026 की जांच पर उठे सवाल, विवेचक पर मिलीभगत का आरोप
हारून एम एच रज़ा वाहिदी अक्रॉस टाइम्स
मोहम्मदी-खीरी। कस्बे में 16 मार्च को हुई एक सड़क दुर्घटना ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी, और तीन महीने बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की राह देख रहा है। मृतक अमरनाथ गुप्ता की पत्नी पूर्ति गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक लखीमपुर खीरी को दिए शिकायती पत्र में दर्शाया है कि तेज रफ्तार कार UP27BH6996 ने उनके पति को टक्कर मारी थी, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार थाना मोहम्मदी में इस घटना को लेकर मुकदमा संख्या 0154/2026 दर्ज है। पूर्ति गुप्ता का कहना है कि उन्होंने उसी दिन तहरीर दी थी।
आवेदन में लगाए गए आरोप
तहसील संपूर्ण समाधान दिवस पर सौंपे गए आवेदन में पूर्ति गुप्ता ने लिखा है:
• घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद हैं, लेकिन उनके बयान अब तक दर्ज नहीं किए गए • आरोपी कार UP27BH6996 को अब तक कब्जे में नहीं लिया गया है • वर्तमान विवेचक शिवबहादुर सिंह पर उन्होंने आरोप लगाया है कि वह आरोपी पक्ष से मिलीभगत कर रहे हैं और राजनीतिक दबाव में जांच को दबा रहे हैं 
पूर्ति गुप्ता ने अपने पत्र में कहा, "लगता है आरोपी पक्ष का राजनीतिक रसूख इतना मजबूत है कि पुलिस भी उनके इशारे पर चल रही है।"
पत्नी की चार मुख्य मांगें
1. विवेचक शिवबहादुर सिंह को तत्काल हटाकर किसी निष्पक्ष अधिकारी को जांच सौंपी जाए 2. कार संख्या UP27BH6996 को फौरन कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच कराई जाए 3. सभी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएं 4. पूरे मामले की गंभीरता से निष्पक्ष जांच हो 
पुलिस प्रशासन में हलचल
सूत्रों के अनुसार, तहसील दिवस पर यह आवेदन आने के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में चर्चा तेज हो गई है। अभी तक थाना मोहम्मदी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मृतक अमरनाथ गुप्ता कस्बे के एक सामान्य परिवार से थे। पत्नी पूर्ति गुप्ता का कहना है कि वह पिछले तीन महीने से थाने के चक्कर लगा रही हैं।
अब सबकी निगाहें पुलिस अधीक्षक लखीमपुर खीरी के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में विवेचना बदली जाएगी और वाहन जब्ती जैसी बुनियादी कार्रवाई होगी या नहीं।

No comments: