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Wednesday, October 21, 2026

आगरा समेत उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में गूंजेगी राष्ट्रनायकों की शौर्य गाथा, आयोजित होगी 'राष्ट्रनायक नाट्य यात्रा'

26 जनवरी तक उत्तर प्रदेश में मचेगा 'राष्ट्रनायक नाट्य यात्रा' का रंग, अमर शहीदों के परिवार होंगे सम्मानित

माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा का क्रियान्वयन: भारतेंदु नाट्य अकादमी नाटकों के जरिए युवाओं में भरेगी राष्ट्रीय भावना
सोनू सिंह,अक्रॉस टाइम्स
आगरा । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ जी की मंशा और उनकी विशेष घोषणा के अनुपालन में, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की प्रमुख संस्था भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA), लखनऊ द्वारा प्रदेश के सभी 75 जनपदों में "राष्ट्रनायक नाट्य यात्रा" का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस व्यापक सांस्कृतिक अभियान के तहत ऐतिहासिक महानायकों, स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रनायकों और अमर साहित्यिक कृतियों पर आधारित उच्च स्तरीय नाटकों का मंचन किया जाएगा। 26 जनवरी 2027 तक चलेगा अभियान शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में यह महत्वाकांक्षी नाट्य यात्रा 24 सितम्बर 2026 से शुरू होकर 26 जनवरी 2027 (गणतंत्र दिवस) तक अनवरत रूप से संचालित रहेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक एकता और स्थानीय गौरव से रूबरू कराना तथा जन-जन में राष्ट्रीय भावना का संचार करना है। शहीद परिवारों का होगा सम्मान जिला प्रशासन द्वारा आगरा जनपद में इस कार्यक्रम को पूरी भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देशन में कार्यक्रम के लिए निःशुल्क और सर्वसुविधाजनक प्रेक्षागृह/ऑडिटोरियम का चयन किया जा रहा है। इस विशेष आयोजन की एक मुख्य विशेषता यह होगी कि राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को मंच पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी का संदेश और युवाओं की सहभागिता प्रत्येक नाट्य मंचन की शुरुआत से पूर्व माननीय मुख्यमंत्री जी का अधिकृत वीडियो संदेश अनिवार्य रूप से प्रसारित किया जाएगा, जिसके लिए कार्यक्रम स्थल पर बड़ी एलईडी (LED) स्क्रीन और आधुनिक ध्वनि व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं, युवा वर्ग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय स्तर पर कलाकारों के ठहरने, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और भारतेंदु नाट्य अकादमी के बीच आपसी समन्वय से सभी जरूरी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

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