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Friday, December 29, 2017

एससी एसटी व अनुसूचित जनजाति के प्रमोटेड शिक्षक को तगडा झटका; डिमोशन

जावेद आरिफ ब्यूरो चीफ रायबरेली
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र
ऊंचाहार रायबरेली । नियमाविरूद्ध प्रमोशन लेने वाले एससीएसटी/अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार काफी बुरी फंसी है जिसमे जहां उनके डिमोशन करने के फरमान से वह आने वाले सन् 2019 मे लोकसभा के चुनाव को लेकर असमंजस मे दलित वोट को अपने बस मे करने के लिये जहां उनके दावे चले रहे थे वहीं कोर्ट के फैसले ने राजनीतिक पेंच फंसा दिया है हलाकि कोर्ट का फैसला मानते हुए अंदर ही अंदर विभागीय कार्यवाही किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 15-07-1997 से  28-04-2012 तक मे बेसिक विभाग मे एससीएसटी/अनुसूचित जाति के शिक्षकों का प्रमोशन आरक्षण हेतु दिया गया जिस मामले में शिक्षकों का गुट के गीताजंलि शर्मा;विपिन मिश्रा; भगौती प्रसाद चैधरी आदि बनाम बेसिक विभाग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल हुआ जिसमे आरोप लगाया गया कि प्रमोशन का लाभ आरक्षण के अधार पे लिया गया जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को प्रमोशन आरक्षण के आधार पे एसएसीएसटी/अनुसूचित जनजाति को देना गलत ठहराया है और उनका प्रमोशन रद्द करते हुए उनको डिमोशन किये जाने का फरमान सुनाया है। जिस मामले मे राज्य सरकार ने बेसिक विभाग को आरक्षण का लाभ लेने वाले लोगों के संदर्भ मे रिपोर्ट तलब किया है। जिस मामले मे कोर्ट के आदेश पे बेसिक शिक्षा विभाग को आरक्षण के लाभ लेने वालों का डिमोशन लिस्ट बनाने के लिये निर्देशित किया है।जिसमे बीएसए संजय शुक्ला ने बताया कि दिनांक 15-07-1997से 28-04-2012 तक मे जिले मे कुल 386 शिक्षकों का प्रमोशन आरक्षण का लाभ लेने हेतु लिया गया है।जिसमे ऊंचाहार ब्लाक के 22 शिक्षक है। आरक्षण का लाभ लेने वाले समस्त शिक्षकों को डिमोशन करने की प्रक्रीया प्रारंभ कर दिया गया है। जिनको डिमोशन की नोटिसे दी जा रही है साथ ही उनको कोर्ट का फरमान का पालन करने के लिये आदेशित किया गया है। हलाकि ये सब उनको उनके साथ के लोगों को उनके प्रमोशन तक अन्य जातियों के न आने तक उनका प्रमोशन तक मे रोक लगी रहेगी।

लोकसभा चुनाव को लेकर बुरी फंसी सरकार


सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को बहुत बुरी राजनीतिक धु्रवीकरण के मोड मे खडा किया है। जहां कोर्ट के फैसले से राज्य सरकार विवश हो गयी है एससीएसटी/अनुसूचित जनजाति के शिक्षको के हुए प्रमोशन पे डिमोशन के लिये वहीं राज्य सरकार को ये भी सता रहा है कि आने वाले लोकसभा के चुनाव मे एसएसीएसटी/अनुसूचित जनजाति के लोग कहीं नाराज न हो जायें।हलाकि कोर्ट के आगे विवश सरकार मामले को दबाना चाहती थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अवहेलना मे कार्यवाही से बचने के लिये वह कार्यवाही करने के लिये मजबूर है।

मा0 राज्य सूचना आयुक्त द्वारा जन सूचना के लम्बित प्रकरणों पर की गई सुनवाई

जावेद आरिफ ब्यूरो चीफ रायबरेली
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र
रायबरेली । राज्य सूचना आयुक्त अरविन्द कुमार विष्ट द्वारा जनपद में लम्बित जन सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के अन्तर्गत जनपद में लम्बित प्रकरणों की सुनवाई बचत भवन सभागार में की गई। कुल 61 प्रकरणों की सुनवाई की गई जिसमें से 58 प्रकरणों का निस्तारण मौके पर किया गया। इसके पूर्व कल के 08 प्रकरणों की आज दोबारा सुनवाई की गई जिसमें से 07 का निस्तारण मौके पर किया गया। सूचना आयुक्त के दो दिवसीय सुनवाई को दौरान कुल 127 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। जिसमें से 122 का निस्तारण किया गया। सूचना आयुक्त ने अधिशाषी अभियन्ता ग्रमीण अभियन्त्रण विभाग के उपस्थित न होने तथा समय से सूचना उपलब्ध न कराने पर 25,000 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। कल की सुनवाई के दौरान वादी बिन्दादीन को सूचना न देने पर उपनिबन्धक लालगंज पर अर्थदण्ड लगाया गया था, आज उपनिबन्धक लालगंज ने सूचना आयुक्त को अवगत कराया कि प्रकरण उनसे सम्बन्धित न होकर विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय से सम्बन्धित है। जिस पर सूचना आयुक्त ने उपनिबन्धक लालगंज से अर्थदण्ड हटाते हुए अधिशाषी अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय पर 25,000 रूपये का अर्थदण्ड लगाया। विधान सभा सरेनी से विधायक प्रत्याशी रही स्नेहलता की जमानत राशि रूपये 10,000 लगभग 11 महीने से वापस नही हो रही थी। सूचना आयुक्त के निर्देश पर प्रत्याशी की जमानत आज ही आनलाइन ट्रान्सफर की गई। सैय्यद अख्तर अली द्वारा मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराने पर सूचना आयुक्त ने अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद पर 25,000 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। ग्राम प्यारेपुर बाला के वादी दिनेश कुमार द्वारा काफी समय से भूमि का नक्शा प्राप्त करने की मांग की जा रही थी। जिसे काफी प्रयासों के बाद भी उपलब्ध नही कराया जा सका था। आज सूचना आयुक्त के निर्देश पर चकबन्दी विभाग द्वारा नक्शा उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) राजेश कुमार प्रजापति, सिटी मजिस्टेªट आलोक कुमार, सूचना आयोग के अंकित कुमार द्विवेदी तथा अतुल पाल उपस्थित रहें।


गरीब असहाय लोगो को साल, बच्चो को किए वितरित जैकेट

जावेद आरिफ ब्यूरो चीफ रायबरेली
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र
खीरों रायबरेली ।
अखिल भारतीय मानवाधिकार मिशन के कार्यकर्ताओ ने दिल्ली रोहिणी सेक्टर 6 व 7 की निवासिनी वंदना कुकरेजा, अनीता शर्मा, रवि सेठी, पूजा व रीना के सहयोग से बेहटासातनपुर , नाथू खेड़ा , गोनामऊ , लंगड़ा खेड़ा , देवारा आदि गाँवो मे गरीब असहाय नेत्र विहीन लोगो को गर्म शाल व नन्हें बच्चो को जैकेट वितरित किए। उक्त अवसर अ0भा0 मानवाधिकार मिशन के जिला सचिव शुभम शर्मा , आशीष तिवारी, लक्ष्मी शंकर , आकाश , पप्पू आदि लोग मौजूद थे।

सांसद महेश गिरी ने संसद सदन में तीन प्राइवेट मेंबर विधेयक प्रस्तुत किये

ब्यूरो समाचार
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र
नई दिल्ली। भाजपा राष्ट्रीय मंत्री व पूर्वी दिल्ली से सांसद महेश गिरी ने संसद समक्ष खाद्य सुरक्षा हेतु भारतीय दंड संहिता विधेयक 2017 में संसोधन हेतु प्रस्ताव रखा। सांसद ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से फूड सेफ्टी एंड स्टेडर्ड आथोरिटी आफ इंडिया को यह अधिकार प्राप्त होता है कि वह वैज्ञानिक तरीके से खाद्य पदार्थों का उत्पादन, भंडारण, वितरण, विक्रय तथा आयात का नियमन करें जिससे देशवासियों को सुरक्षित तथा गुणवत्ता पूर्ण पदार्थ उपलब्ध हो सकें। इस विधेयक में से दूषित खाद्य पदार्थों के उत्पान में लगे व्यक्तियों संस्थानों के लिए सजा का प्रावधान है। लेकिन इस प्रावधान के बावजूद हमारे देश में दूषित खाद्य पदार्थों की समस्या कायम है। इस तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाले लोग कई बार बीमारी के शिकार हो जाते है। उदाहरण के तौर पर  (FSSAI) के एक अध्यन के मुताबिक देश में कुल बिक्री का 68ण्4 प्रतिशत दूघ मिलावट पूर्ण रहता है। देश में ऐसे कई उदाहरण सामने आए है जब मिलावट पूर्ण खाद्य का सेवन करने से लोग बीमार हुए है। उच्चतम न्यायालय ने भी 2014 में सरकार ने दूध मिलावट के खिलाफ कड़े नियम को और अधिक कड़ा बनाने को कहा था। सांसद ने कहा कि इंडियन पेनल कोड के सेक्शन 272 और 273 में मिलावट पूर्ण खाद्य तथा पेय पदार्थों के संबंध में सजा का प्रावधान है। लेकिन ये प्रावधान दोषियों को उचित सजा देने के लिए काफी नही है। वर्तमान में दोषियों के लिए 1000 रूपये का जुर्माना या 6 माह तक की कैद को प्रावधान है। लेकिन अब यह बिल आईपीसी 1860 में संशोधन कर सजा के प्रावधान को 10 लाख तथा अजिवन कारावास अथवा दोनों तक बढ़ाता है।  यह संसोधन खाद्य पदार्थो में मिलावट करने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थानों को मिलावट करने से रोकने के लिए आवश्यक है। साथ ही सांसद ने प्रभावित तीर्थयात्रियों के लिए एक समान बीमा विधेयक 2017 पेश किया व बताया कि भारत तीर्थों का देश है तथा यहां देश के कोनेण्कोने में लोग तीर्थ यात्रा के लिए निकलते है। इनसे कुछ जगहों पर अत्याधिक भीड़ इकट्टी हो जाती है। खास तौर पर त्योहार के महीनों में इन तीर्थ स्थानो में से कुछ अत्यंत दुर्गम स्थान में अव्यवस्थित है। उदाहरण स्वरूप अमरनाथ। जहां तीर्थटन करना जोखिम भरा होता है। कुछ समय से ऐसी दुर्घटनाएं सामने आई है जिसमें तीर्थाटन के दौरान यात्रियों को जान गवानी पड़ी है। वर्तमान में श्राईन बोर्ड तथा राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा तीर्थयात्रियों को बीमा सहायता उपलब्ध कराई जाती है परन्तु इसमें एकरूपता नही है। सांसद ने उदाहरण के तौर पर बताया कि वर्तमान में अमरनाथ यात्रा में दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 1 लाख रूपया दिया जाता है। यह राशि एक जान की कीमत की तुलना में काफी कम है। लेकिन भारत की हज कमेटी जो अत्पसंख्यक मंत्रालय के अधीन एक वैघानिक संस्था है ने हाल ही मे हज यात्रा के दौरान जान गंवाने वाले यात्रियों की बीमा राशि को 10 लाख रूपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि मजहब के आधार पर बीमा राशि में अंतर ठीक नही है। मनुष्य की जान हर हालत में कीमती है। बीमा राशि का यह अंतर संविधान की धारा 15 के विपरीत है जो सुनिश्चित करता है। कि व्यक्तियो के बीच धर्मए जातिए लिंग तथा स्थान के आधार पर भेद नहीं किया जाएगा। सांसद ने कहा कि यह बिल एक केन्द्रीय बीमा समिति का गठन को प्रस्तावित करता है। जो एक समान बीमा नीति को निर्धारित करेगा तथा जिसका निर्णय हर एक श्राईन बोर्ड तथा तीर्थ स्थलों को मान्य होगा। इसका उद्देश्य है कि तीर्थ यात्रा के दौरान जो लोग जान गंवा बैठते है। उन्हें 10 लाख रूपये तथा दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को तीन लाख रूपये की बीमा सहायता मिले। उन्होंने कहा कि इस बिल के माध्यम से यह भी सुनिश्चित हो सकेगा कि जो संस्थाए जिनमें गैर सरकारी संगठन भी शामिल हैए तीर्थ यात्रियों को निस्वार्थ भाव से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराए।इसके साथ ही सांसद महेश गिरी ने महिलाओं का अनावश्यक सीजेरियन सेक्शन प्रसव से सरंक्षण विधेयक 2017 का प्रस्ताव भी संसद के समक्ष रखा। सांसद ने कहा कि वर्तमान में कुछ निजी अस्पतालों द्वारा अपने फायदे हेतु महिलाओं का सीजेरियन प्रसव किया जाता है जबकि इसकी जरूरत भी नही होती। इस विधेयक से ऐसे अस्पतालों पर लगाम लगाई जा सकेगी।


दुकान में अज्ञात कारणों से लगी आग ,करीब 15 लाख का हुआ नुकसान

फ़िरोज़ाबाद।। जनपद के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र स्वामी नगर निवासी सर्वेश यादव पुत्र राम सिंह यादव की शिकोहाबाद सर्विस रोड पर मनोरमा ऑटो एजेंसी के नाम से दुकान है। बीती मध्य रात्रि दुकान में अज्ञात कारणों से आग लग गयी। मौके पर दमकल की गाड़ियां भी पहुँच गयी, बमुश्किल आज तड़के तक आग बुझाई जा सकी। दुकान स्वामी को सुबह छह बजे पता चला। उसने बताया ऑटो के तीन नए चेसिस और एक पुराना सहित सभी पार्ट्स जलकर ख़ाक हो गए। इस तरह करीब 15 से बीस लाख का नुकसान हुआ है।

कश्मीर सिंह मण्डल संवाददाता आगरा
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

अवैध खनन का कारोवार चरम पर,प्रशासन मौन

मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी।। क्षेत्र मे गाँव से लेकर नगर तक अवैध खनन का कारोबार तेजी से अपने पैर पसार रहा है ।सुबह होते ही मिट्टी व बालू से भरी ट्रालियाॅ नगर की सड़कों पर दौडती दिखायी देती है ।गौरतलब बात यह है कि आम जनता को तो खनन होता दिखायी देता है , पर जिम्मेदार अधिकारी इससे मुॅह फेर लेते है ।कुछ सत्ताधारी नेताओं , तहसील प्रशासन व कुछ पुलिस कर्मियों के संरक्षण के चलते अवैध खनन का कारोबार रूकने का नाम नहीं ले रहा है ।नगर के मोहल्ला शुक्लापुर की सड़कों पर बालू भरे डल्लप व ट्रालियाॅ दौड़ने लगती है ।जिससे जाम भी लगजाती है ।स्कूल जाने वाले वच्चो से लेकर पैदल चलने वाले राहगीरो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ।नागरिकों का कहना है कि अवैध खनन पर रोक लगनी चाहिए ताकि आमजन को राहत मिल सके ।

दिनेश सिंह सोमवंशी ब्यूरो चीफ लखीमपुर खीरी
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

जनता ने जिला प्रशासन से की जाॅच की माॅग

मोहम्मदी ,लखीमपुर खीरी । जनता के हित मे काय॔ करने वाली सरकार प्रदेश मे चल रही है फिर भी जनता परेशानी के दौर से गुजर रही है ।नगर पालिका द्वारा काय॔ मानक के अनुरूप न कराया जाना जनता के लिए परेशानी का शबब बना हुआ । ।अधिकारियो और सफेद पोशो की मिलीभगत के चलते जारी है सड़कों मुख्य मार्गो व तालाबो की जमीनो पर अवैध कब्जा ।शासन प्र शासन बेखबर है जनता परेशान हो रही है ।नगर पालिका द्वारा काय॔ मानक के अनुरूप न कराया जाना , कब्जे की जमीन पर भवन निर्माण हो जाना , तालाबो पोखरो नगर निकाय की जमीनो पर अबैध रूप से कब्जा कर लिया जाना , मलेरिया रोधी दवाओं का समय पर छिडकाव न कराया जाना आदि समस्याओ का समाधान नहीं हो पारहा है ।नगर निवासियों ने जिला प्र शासन से जाॅच कर आवश्यक कार्य वाही की माॅग की है ।

दिनेश सिंह सोमवंशी ब्यूरो चीफ लखीमपुर खीरी
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र

बाइक सवार बदमाशों ने लेखपाल को गोलियों से भूना

ब्यूरो समाचार
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र
आगरा। थाना मलपुरा के मनकेड़ा पुल के पास पल्सर सवार बदमाशों ने बाइक से अपने साथी के साथ लौट रहे लेखपाल को गोलियों से भून दिया। गोली चलने की आवाज सुनकर अफरा तफरी मच गई। बदमाशों ने लेखपाल पर तीन फायर किए। मौके पर राहगीरों की भीड़ को देख बदमाश मौके से फरार हो गए। बदमाशों की बाइक भी मौके पर ही छूट गई। सूचना पर थाना मलपुरा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायल लेखपाल और उसके साथी को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां लेखपाल की मौत हो गई, जबकि उनका साथी मौत से जूझ रहा है। उधर घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने न्यू दक्षिणी बाईपास पर जाम लगा दिया। बताते चले पूरा मामला थाना मलपुरा के गांव नगला कारे निवासी रमेश पुत्र दुर्ग सिंह खेरागढ़ में लेखपाल हैं। गुरूवार शाम साढे सात बजे वे अपने साथी खचेर सिंह पुत्र शिवराम के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। वे बाइक से न्यू दक्षिणी बाईपास मनकेड़ा पुल के नीचे पहुंचे, तभी काली पल्सर सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। लेखपाल जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक के बाद एक करके बदमाशों ने लेखपाल पर तीन फायर किए। दो गोली लेखपाल रमेश के लगीं, जिसमें एक गोली उनके पीठ में और दूसरी गोली उनके मुंह में लगी। वहीं खचेर सिंह के हाथ में गोली लगी है। वही घटना को अंजाम देने वाले बदमाश बाइक छोड कर भाग गए और गोलियों की आवाज सुनकर मौके की ओर राहगीर दौड़ पड़े। लोगों की भीड़ को आता देख, बदमाशों के हाथ पांव फूल गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक स्र्टाट नहीं हुई, जिसके चलते बदमाश बाइक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। उधर घटना की सूचना मिलते ही थाना मलपुरा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल भेज दिया। जहां उपचार के दौरान रमेश की मौत हो गई, जबकि खचेर सिंह की हालत नाजुक बनी हुई है।
लगाया जाम

इलाकाई अधिकारियों के साथ चौराहे को अतिक्रमण मुक्त करने के दिए दिशानिर्देश : पुलिस कप्तान अमित पाठक

ब्यूरो समाचार
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र
आगरा। जिले के पुलिस कप्तान एसएसपी अमित पाठक इन दिनों शहर के चौराहों को अतिक्रमण मुक्त करने और सन्दर्यीकरण करने का बीड़ा उठाये हुए है। एसएसपी अमित पाठक रोज एक चौराहे पर पहुंचते हैं। वहां अतिक्रमण को देखते हैं और इलाकाई अधिकारियों के साथ चौराहे को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए दिशानिर्देश जारी करते हैं।इसी कड़ी में गुरुवार को एसएसपी अमित पाठक आगरा के भगवान टॉकीज चौराहे पर पहुंच गए । एसएसपीअमित पाठक के साथ ए एस पी श्लोक कुमार थाना न्यू आगरा सहित अन्य स्थानों का पुलिस फोर्स और ट्रैफिक पुलिस मौजूद थी। एसएसपी अमित पाठक ने भगवान टॉकीज चौराहे से दयालबाग जाने वाली रोड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने पाया कि सड़क किनारे लगने वाली टठेल धकेल अतिक्रमण करे हुए हैं। इसके अलावा दुकानदारों ने भी सरकारी सड़क और जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है।एसएसपी अमित पाठक ने दुकानदारों से बातचीत की। ठेल धकेल वालों से बातचीत कर सड़क से पीछे ठेल लगाने और चौराहे को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा निर्देश दिए।एसएसपी आगरा अमित पाठक का कहना है कि चौराहों को सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें नगर निगम और जिला प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही साथ चौराहा को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए चौराहों के दुकानदारों की एक कमेटी बनाई गई है। दुकानदारों की कमेटी चौराहे के अतिक्रमण मुक्त की मॉनिटरिंग करेगी ।एसएसपी आगरा अमित पाठक एक नए अंदाज में नजर आ रहे हैं। पहले भी अमित पाठक ने तमाम चौराहों को अतिक्रमण मुक्त किया है। यही वजह है कि एसएसपी अमित पाठक जनता से सीधे संवाद चौराहों का अतिक्रमण मुक्त और चौराहों के सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठा रहे है।

पुलिस की दबिश के दौरान तोड़फोड़ और मारपीट से बदन सिंह की सदमे से मौत हुई :परिवारी जन का आरोप

एत्मादपुर, आगरा।। जनपद के एत्मादपुर थाना क्षेत्र के इनर रिंग रोड पर 2 दिन पूर्व में टोल टैक्स पर तोड़फोड़ के मामले में एत्मादपुर के रहन कलां गांव के दर्जनों लोगों को नामजद किया गया था जिसमें रहन कलां गांव के प्रधान बनवारी लाल भी था। नामजद लोगों की गिरफ्तारी के लिए एत्मादपुर पुलिस दबिश दे रही थी। मंगलवार की रात को भी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर एत्मादपुर के रहन कलां गांव में रात को पहुंची एत्मादपुर पुलिस ने लोगों के घरों में जमकर तांडव किया था। गिरफ्तारी को लेकर पहुंची एत्मादपुर पुलिस ने लोगों के घरों के सामान में जमकर तोड़फोड़ भी की थी और परिवार के अन्य लोगों से मारपीट भी की थी। इसी कड़ी में रहनकला गांव के प्रधान बनवारी लाल के घर पहुंची एत्मादपुर पुलिस ने प्रधान बनवारी लाल के घर के सामान की तोड़फोड़ की। आरोप है कि एत्मादपुर पुलिस ने उनके पिता बदन सिंह के साथ भी मारपीट की थी। बुधवार सुबह रहनकला गांव के प्रधान बनवारी लाल के पिता बदन सिंह की मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना था कि पुलिस की दबिश के दौरान तोड़फोड़ और मारपीट से बदन सिंह की सदमे से मौत हुई है। वही बदन सिंह की मौत को लेकर परिवार के लोगों में एत्मादपुर पुलिस के खिलाफ तीखा आक्रोश है। मृतक परिवार के लोग एत्मादपुर पुलिस पर मारपीट तोड़फोड़ का आरोप लगा रहे हैं। गांव वाले एत्मादपुर पुलिस के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि पुलिस रात में उन्हें बेवजह परेशान करती है। घरों में तोड़फोड़ करती है और गाली-गलौज करती है।बदन सिंह की सदमे से मौत को लेकर आक्रोशित लोगों ने पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस के खिलाफ कार्यवाही करने का मन बना लिया है तो वहीं एस पी क्राइम आगरा मनोज सोनकर का कहना है कि मृतक के परिजनों के आरोप को लेकर जांच बिठा दी गई है। जहां एक तरफ एत्मादपुर पुलिस टोल टैक्स पर तोड़फोड़ करने वाले और सीसीटीवी में कैद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है तो वहीं बदन सिंह की मौत को लेकर एत्मादपुर पुलिस पर तमाम आरोप भी लग गए हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में पुलिस के खिलाफ शुरू हुई जांच में क्या कुछ सामने आ पाता है।

सोनू सिंह तहसील संवाददाता एत्मादपुर
अक्रॉस टाइम्स हिंदी समाचार पत्र